यह एक ऐसा गुप्त स्मरण है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। ताकुया, जिसकी पत्नी के साथ अच्छी दोस्ती थी, शादी के बाद गांव लौटने का फैसला करता है। जबकि मैं ताकुया से जलनेवाले पति की बातों से आहत हूँ, जिसने एक युवा पत्नी पाने की वजह से मुझे चोट पहुँचाई, मैं ताकुया के मुंह से निकली प्रेम स्वीकार करने वाली बातों पर मोहित हो जाती हूँ। तब से, जब भी हम मिलते हैं, मेरा सुस्त दिल धड़कने और गीला होने लगता है। एक दिन... मैं अचानक से अपने होंठ खो देती हूँ, बिना उन जलते हुए इच्छाओं को रोक पाये, मैंने मना कर दिया...