पति की याद उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी, आँसू गिर रहे थे और दिल में ख emptiness था, उस समय उसके ससुर ने उसे खुशी देकर उस दुख को भुलाने में मदद की और उस दौरान अंततः उसने अपने ससुर के बच्चे को गर्भ धारण किया।
पति की याद उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी, आँसू गिर रहे थे और दिल में ख emptiness था, उस समय उसके ससुर ने उसे खुशी देकर उस दुख को भुलाने में मदद की और उस दौरान अंततः उसने अपने ससुर के बच्चे को गर्भ धारण किया।